भारत में दाऊदी बोहरा समुदाय ने 'शून्य भूख' (Zero Hunger) के लक्ष्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए जरूरतमंद लोगों को भोजन कराया

18 Oct 2026 - 17:28
Updated: 8 hours ago
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भारत में दाऊदी बोहरा समुदाय ने 'शून्य भूख' (Zero Hunger) के लक्ष्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए जरूरतमंद लोगों को भोजन कराया

पूरे भारत में दाऊदी बोहरा समुदाय ने 'शून्य भूख' (Zero Hunger) के लक्ष्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए जरूरतमंद लोगों को भोजन कराया

जागरूकता रैलियाँ, खाद्य अभियान और कक्षा सत्र युवाओं और उनके परिवारों तक 'शून्य भूख' लक्ष्य प्राप्ति का वैश्विक संदेश पहुँचा रहे हैं

दुनिया भर के हज़ारों दाऊदी बोहरा बच्चे और स्वयंसेवक 16 अक्टूबर को विश्व खाद्य दिवस मनाया । 350 से अधिक शहरों में स्वयंसेवकों के साथ-साथ 100 से अधिक सामुदायिक स्कूलों और शिक्षण केंद्रों के छात्र, भुखमरी और भोजन की बर्बादी के बारे में जागरूकता बढ़ा हैं तथा जरूरतमंद परिवारों के लिए भोजन एकत्र कर रहे हैं। दाऊदी बोहरा समुदाय की परोपकारी पहल 'प्रोजेक्ट राइज' के बैनर तले चलाया जा रहा यह 'शून्य भूख' (Zero Hunger) आंदोलन, इस वर्ष के विश्व खाद्य दिवस के विषय "आज नवाचार करें। कल का पोषण करें" (Innovate today. Nourish tomorrow.) का अनुसरण करता है।

भारत में, दाऊदी बोहरा स्वयंसेवकों और छात्रों ने सूखा राशन एकत्र किया और 3,00,000 से अधिक दैनिक वेतन भोगियों, अनाथालयों के बच्चों और जरूरतमंद लोगों को भोजन कराया।

'प्रोजेक्ट राइज' के एक स्वयंसेवक ने कहा, “हमारे धर्मगुरू सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन साहब की शिक्षाओं के अनुसार, भूखों को भोजन कराना हमेशा से हमारी आस्था और दैनिक जीवन का हिस्सा रहा है। विश्व खाद्य दिवस हमें उस मूल्य को अपने घरों से परे, स्कूलों, सामुदायिक केंद्रों और पूरे शहर तक ले जाने तथा उन साझेदारों के साथ मिलकर काम करने का अवसर देता है जो एक ही लक्ष्य साझा करते हैं।”

भुखमरी से मुक्त दुनिया के लिए युवा पीढ़ियों को सशक्त बनाना और शिक्षित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है, खासकर तब जब पूरी मानवता के लिए पर्याप्त भोजन का उत्पादन किया जाता है, लेकिन इसका अधिकांश हिस्सा बर्बाद हो जाता है, जिससे लाखों लोग दीर्घकालिक भूख और कुपोषण की स्थिति में रहते हैं।

यह आवश्यकता आज भी वास्तविक बनी हुई है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा इस वर्ष जारी 'द स्टेट ऑफ फूड सिक्योरिटी एंड न्यूट्रिशन इन द वर्ल्ड' रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में लगभग 64.5 करोड़ (645 मिलियन) लोग भुखमरी का सामना कर रहे थे, और दुनिया की लगभग एक तिहाई आबादी पौष्टिक आहार का खर्च उठाने में असमर्थ है। दुनिया हर किसी के लिए पर्याप्त भोजन उगाती है, फिर भी इसका लगभग एक तिहाई हिस्सा नष्ट या बर्बाद हो जाता है।

'प्रोजेक्ट राइज' वंचित बच्चों और परिवारों को पोषण, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और बेहतर जीवन के अवसर प्रदान करने के लिए विश्व स्तर पर काम करता है।

उपरोक्त जानकारी दाऊदी बोहरा समाज के पीआरओ कोऑर्डिनेटर तफज्जुल हुसैन मुलायमवाला ने दी

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