कोलकाता के ऐतिहासिक चोरबागान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में हुई इस हृदयविदारक घटना

कोलकाता के ऐतिहासिक चोरबागान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में हुई इस हृदयविदारक घटना
कोलकाता के 91 साल पुराने चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़; 19 लोगों की मौत, कई घायल और 7 गिरफ्तार
कोलकाता:
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के उत्तर क्षेत्र में स्थित प्रतिष्ठित चोरबागान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में महासप्तमी की शाम एक भीषण भगदड़ मचने से बड़ा हादसा हो गया। इस दर्दनाक हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है, जबकि 25 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। मृतकों में बड़ी संख्या में महिलाएं और एक बच्चा भी शामिल है।
हादसे की मुख्य वजह और घटनाक्रम:
* अचानक तेज बारिश और संकरे रास्ते: प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार शाम करीब 7:30 से 7:40 बजे के बीच अचानक भारी बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने और पंडाल के अंदर जल्दी प्रवेश पाने के लिए संकीर्ण गलियों (बायलैन) में मौजूद हजारों लोगों की भीड़ ने एक साथ आगे की तरफ दबाव बनाया।
सूत्रों की माने तो लाउडस्पीकर पर घोषणा से फैली दहशत: सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शुरुआती जांच में सामने आया है कि भारी भीड़ और बारिश के बीच पंडाल के लाउडस्पीकर से यह घोषणा कर दी गई कि "पंडाल का ढांचा किसी भी समय गिर सकता है, इसलिए तुरंत बाहर निकलें।" इस घोषणा के बाद मौके पर भारी अफरा-तफरी और डर का माहौल बन गया।
* फिसलन और भगदड़: लगातार बारिश के कारण रास्ते कीचड़ और पानी से फिसलन भरे हो चुके थे। भागदौड़ के दौरान कई लोग अचानक फिसलकर एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े, जिससे कुचलने और दम घुटने से लोगों की मौत हो गई। पंडाल के निकास द्वार (Exit Gate) का कुछ हिस्सा भी भीड़ के दबाव से क्षतिग्रस्त हो गया।
प्रशासनिक कार्रवाई और गिरफ्तारियां:
* गिरफ्तारियां: कोलकाता पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए पूजा कमेटी के सचिव (राजकुमार सेवड़ा), आयोजकों, सुरक्षा एजेंसी के प्रतिनिधियों और इवेंट मैनेजमेंट कंपनी के अधिकारियों सहित कुल 7 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
* मामला दर्ज: पुलिस ने आयोजकों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या (Culpable homicide) और अन्य गंभीर धाराओं के तहत स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लेते हुए मामला दर्ज किया है।
* एसआईटी (SIT) जांच: हादसे की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। साथ ही शहर के अन्य बड़े पूजा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात किया गया है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और मुआवजे की घोषणा:
* आर्थिक सहायता: इस त्रासदी पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए राज्य सरकार ने प्रत्येक मृतक के परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है, जबकि घायलों को 5 लाख रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों के लिए 2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की है।
* शीर्ष नेताओं का शोक: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राज्य के मुख्यमंत्री ने इस दुर्घटना पर गहरा दुख जताया है तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की है।
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