खंडवा जीआरपी पुलिस की अमानवीयता: टिकट होने के बावजूद बुरहानपुर के युवक को पीटा, जानवरों की तरह मारा और वसूले पैसे


खंडवा जीआरपी पुलिस की अमानवीयता: टिकट होने के बावजूद बुरहानपुर के युवक को पीटा, जानवरों की तरह मारा और वसूले पैसे

बुरहानपुर/खंडवा:
मध्य प्रदेश के रेलवे पुलिस बल (GRP) की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बुरहानपुर जिले के सिंधी बस्ती निवासी एक युवक के साथ खंडवा जीआरपी पुलिस द्वारा की गई मारपीट और वसूली का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। वैध टिकट होने के बावजूद युवक को सिविल ड्रेस में मौजूद जवान द्वारा बेरहमी से पीटा गया और थाने में जानवरों जैसा सलूक किया गया। फिलहाल पीड़ित युवक बुरहानपुर जिला अस्पताल में भर्ती है और उसका इलाज जारी है।
क्या है पूरा मामला?
इशांत द्वारा जानकारी के अनुसार, बुरहानपुर की सिंधी बस्ती में रहने वाले इशांत जीवतराम सुबह करीब 7:00 बजे अपने घर से काम के सिलसिले में खंडवा जाने के लिए निकले थे। उन्होंने रेलवे स्टेशन पर खिड़की से जनरल टिकट खरीदा और दानापुर-पुणे एक्सप्रेस की जनरल बोगी में सवार होकर खंडवा के लिए रवाना हुए।
घटना तब घटी जब इशांत खंडवा रेलवे स्टेशन पहुंचने से पहले ही आउटर के पास उतर गए। इसी दौरान सिविल ड्रेस में एक जीआरपी जवान ने उन्हें पकड़ लिया। सादे कपड़ों में होने के कारण इशांत उस जवान को पहचान नहीं पाए और उनकी आपस में कुछ बहस हो गई। इशांत को अंदाजा भी नहीं था कि यह मामूली सी बहस उनके लिए इतनी भारी पड़ेगी।
जानवरों की तरह पीटा और वसूले र 1000 और रसीद र500 की दिया
बहस के बाद GRP जवान इशांत को घसीटते हुए थाने ले गया। आरोप है कि थाने के भीतर उनके साथ जानवरों की तरह मारपीट की गई, जिससे उनकी पीठ पर गंभीर चोट के निशान साफ देखे जा सकते हैं। यही नहीं, बेरहमी से पीटने के बाद जवान ने दंड के तौर पर इशांत से जबरन ₹500 की नकदी भी वसूल ली।
मारपीट से गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद इशांत अपने काम के प्रति निष्ठा दिखाते हुए पंधाना रवाना हो गए और अपना काम निपटाया। काम पूरा करने के बाद वे न्याय की गुहार लगाने खंडवा कोतवाली पहुंचे, लेकिन पुलिस ने यह कहकर रिपोर्ट दर्ज करने से मना कर दिया कि यह मामला जीआरपी थाने का है, इसलिए शिकायत वहीं करें।
अधिकारियों का रवैया और न्याय की गुहार
पीड़ित जब मामले की शिकायत लेकर खंडवा GRP थाने के अधिकारियों के पास पहुंचा, तो कथित तौर पर मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया गया। आरोप है कि एक जिम्मेदार अधिकारी ने पीड़ित से कहा, "आप इस मामले को ज्यादा मत बढ़ाएं, आप क्या चाहते हैं?" और मामले को दबाने के लिए पैसे तक ऑफर किए गए।
वैध टिकट होने के बावजूद एक आम नागरिक के साथ इस तरह की गुंडागर्दी और अमानवीय व्यवहार यह साबित करता है कि खंडवा GRP पुलिस जनता की सुरक्षा करने के बजाय अपनी तानाशाही और दबंगई के लिए जानी जा रही है। इस घटना ने रेलवे पुलिस की कार्यशैली पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।
बुरहानपुर जिला अस्पताल में भर्ती है पीड़ित
घटना के बाद से पीड़ित इशांत की तबीयत काफी बिगड़ गई थी। वर्तमान में उन्हें बुरहानपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज जारी है।
इस घटना के बाद से स्थानीय नागरिकों और परिजनों में भारी आक्रोश है। उन्होंने प्रशासन और उच्चाधिकारियों से मांग की है कि पीड़ित के साथ अमानवीय कृत्य करने वाले दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल सख्त से सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
(संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया मिलने पर खबर को अपडेट किया जाएगा।)
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