बुरहानपुर में सनातन चेतना का प्रादुर्भाव: बाल आचार्यों के कीर्तिमान से अंचल अभिमंत्रित, शाहपुर से लेकर लोनि तक गूंजे गायत्री मंत्र; महानवमी पर शक्तिपीठ में होगी पूर्णाहुति
बुरहानपुर में सनातन चेतना का प्रादुर्भाव: बाल आचार्यों के कीर्तिमान से अंचल अभिमंत्रित, शाहपुर से लेकर लोनि तक गूंजे गायत्री मंत्र; महानवमी पर शक्तिपीठ में होगी पूर्णाहुति
बुरहानपुर गायत्री परिवार के तत्वावधान में संचालित नौ दिवसीय प्रांतीय चेतना जागरण अभियान एवं शारदीय नवरात्रि अनुष्ठान से बुरहानपुर का समूचा अंचल भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से जगमगा उठा है। केंद्रीय शक्तिपीठ के भव्य आयोजनों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक आयोजित हो रहे धार्मिक अनुष्ठानों ने जन-जन में नवचेतना का संचार किया है।
गांवों गाँवों में यज्ञाग्नि प्रज्वलित कर
श्रीराम गुरुकुल आश्रम / रचनात्मक केंद्र गोलोकधाम (खड़कोद) से प्रशिक्षित सौ से अधिक बाल पुरोहितों और कार्यकर्ताओं की बहत्तर समर्पित टीमों ने ज़िले के गाँवों में सघन धर्म यात्रा (प्रवास) कर एक नया इतिहास रच दिया है:
नन्हें आचार्यों की यह टोली नांदखेड़ा, खापरखेड़ा, सायर, बोदारली, खकनार, जमनिया, ताजनपुर, शाहपुर, भावसा, मालवीर, भाम्बदा, विरोदा, नागुरखेड़ा, बहादरपुर और लोनि सहित अंचल के अनगिनत गाँवों में पहुँची है। इन सभी क्षेत्रों में बाल पुरोहितों द्वारा एक साथ दर्जनों परिवारों में हवन और यज्ञ की श्रृंखलाएँ सफलतापूर्वक संपन्न कराई गई हैं।
श्री राम गुरुकुल,खड़कोद के इन बाल आचार्यों ने अपनी कर्मठता और वैदिक कर्मकांड की दक्षता का परिचय देते हुए एक ही दिवस में दर्जनों घरों में एक साथ हवन संपन्न कराने का अभूतपूर्व कीर्तिमान स्थापित किया है।
बाल टोलियाँ प्रतिदिन विभिन्न गाँवों में पहुँचकर गौ, गंगा, गीता, गायत्री एवं गुरु—के महत्व का अलख जगा रही हैं। धर्म चर्चा के साथ-साथ ग्रामीणों को नशा त्यागने, तरु-रोपण (पर्यावरण संवर्धन) करने और नैतिक जीवन शैली अपनाने का संकल्प भी दिलाया जा रहा है। बाल आचार्यों के शुद्ध मंत्रोच्चार और अनुशासित कार्यशैली को देखकर ग्रामीणजन भाव-विभोर हैं।
उधर, जिला मुख्यालय स्थित गायत्री शक्तिपीठ प्रांगण में नवरात्रि अनुष्ठान के अंतर्गत भव्य महायज्ञ का आयोजन हुआ। इस अवसर पर आचार्यों द्वारा शास्त्रोक्त रीतियों से विभिन्न मांगलिक संस्कार पूर्ण कराए गए:
पुंसवन संस्कार: भावी पीढ़ियों में श्रेष्ठ संस्कारों के बीजारोपण और गर्भवती महिलाओं के आरोग्य की मंगल कामना हेतु पुंसवन संस्कार कराए गए।
नामकरण एवं अन्नप्राशन: शिशुओं के सर्वांगीण विकास के ध्येय से नामकरण और प्रथम बार अन्न प्राशन कराने की वैदिक रीतियाँ विधिवत पूर्ण की गईं।
महानवमी को पूर्णाहुति, कन्या पूजन और महाप्रसाद
नौ दिवसीय इस अनुष्ठान के समापन अवसर यानी महानवमी के पावन पर्व पर गायत्री शक्तिपीठ में विशाल धार्मिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है:
महायज्ञ की पूर्णाहुति: प्रातःकाल से ही विशेष आहुतियों के साथ नौ दिवसीय नवरात्रि अनुष्ठान का विधि-विधान से समापन (पूर्णाहुति) होगा।
कन्या पूजन व भंडारा: देवी स्वरूप बालिकाओं का पूजन-अर्चन कर विशाल कन्या भोज (महाप्रसाद) आयोजित किया जाएगा।
महाप्रसाद वितरण: पूर्णाहुति व महाआरती के उपरांत उपस्थित समस्त धर्मप्रेमी जनता के बीच महाप्रसाद का भव्य वितरण किया जाएगा।
शाहपुर से लेकर लोनि तक और पूरे बुरहानपुर अंचल में गूंजते गायत्री मंत्र के जयघोष ने यह सिद्ध कर दिया है कि नई पीढ़ी अपनी समृद्ध पौराणिक धरोहर को आगे ले जाने में पूरी तरह समर्थ है। गायत्री परिवार प्रबंधन ने अंचल के समस्त श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे महानवमी के दिन शक्तिपीठ पहुँचकर आहुति प्रदान करें और महाप्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त करें
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