बुरहानपुर में , 23 और 24 अक्टूबर को सतियारा घाट पर लगेगा श्री बालाजी महाराज का ऐतिहासिक मेला

21 Oct 2026 - 00:08
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बुरहानपुर में , 23 और 24 अक्टूबर को सतियारा घाट पर लगेगा श्री बालाजी महाराज का ऐतिहासिक मेला

बुरहानपुर में , 23 और 24 अक्टूबर को सतियारा घाट पर लगेगा श्री बालाजी महाराज का ऐतिहासिक मेला

बुरहानपुर। माँ ताप्ती के पावन तट स्थित सतियारा घाट पर भगवान श्री बालाजी महाराज का ऐतिहासिक एवं परंपरागत तीन दिवसीय मेला 22, 23 एवं 24 अक्टूबर 2026 को श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक उल्लास के साथ आयोजित होगा। लगभग साढ़े चार सौ वर्षों से चली आ रही इस परंपरा के अंतर्गत मेले में प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान, भजन संध्या और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। दीपदान, माँ ताप्ती की महाआरती, शहनाई-बांसुरी वादन, अखाड़ों का शौर्य प्रदर्शन, नृत्य-नाट्य और गरबा रास प्रतियोगिता मेले के प्रमुख आकर्षण रहेंगे।

श्री बालाजी ताप्ती उत्सव समिति, ब्रह्मपुर द्वारा आयोजित इस मेले में भगवान श्री बालाजी महाराज ग्यारस से तेरस तक तीन दिनों के लिए सतियारा घाट पर विराजमान होंगे। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए आयोजन की तैयारियां की जा रही हैं। विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) के प्रयासों से पिछले 18 वर्षों में मेले को नया स्वरूप मिला है। धार्मिक परंपराओं के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को भी आयोजन में विशेष महत्व दिया गया है।

मेले के पहले दिन 22 अक्टूबर गुरूवार को पूज्य साधु-संतों, पुजारियों एवं विप्र बंधुओं के स्वस्ति वाचन के साथ कार्यक्रमों का शुभारंभ होगा। ताप्ती नदी के तट पर दीपदान कर भगवान श्री बालाजी महाराज के रथ का स्वागत किया जाएगा। माँ ताप्ती की महाआरती में श्रद्धालु सहभागी बनेंगे। शाम 7 बजे से आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में आकाशवाणी एवं दूरदर्शन के प्रसिद्ध शहनाई वादक गजानन वारुडे तथा बांसुरी वादक श्याम चौधरी एवं उनकी टीम द्वारा सुरमयी प्रस्तुतियां दी जाएंगी।

दूसरे दिन 23 अक्टूबर शुक्रवार को शौर्य और भारतीय संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। तिलक एकेडमी, ब्रह्मपुर के बालक-बालिकाओं द्वारा शौर्य प्रदर्शन किया जाएगा। ब्रह्मपुर के विभिन्न अखाड़ों के उस्तादों का सम्मान होगा तथा अखाड़ों के कलाकार पारंपरिक शौर्य कलाओं का प्रदर्शन करेंगे। रात्रि में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार मुकेश दरबार (जागृति कला केन्द्र) द्वारा श्रीकृष्ण-सुदामा की मित्रता पर आधारित नृत्य-नाट्य प्रस्तुत किया जाएगा।

तीसरे दिन 24 अक्टूबर शनिवार को भजन संध्या और गरबा रास प्रतियोगिता का आयोजन होगा। जय मारुति म्यूजिकल ग्रुप के भजन गायक नितीन मेढ़े द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी। गरबा रास प्रतियोगिता में प्रतिभागी अपनी कला और सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। मेले के अंतिम दिन आयोजित प्रतियोगिताओं के प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जाएगा।

मेले में विभिन्न व्यायामशालाओं के युवा श्रद्धालुओं का चंदन तिलक लगाकर स्वागत करेंगे। नदी किनारे सुरक्षा की दृष्टि से होमगार्ड एवं गोताखोर तैनात किए जाएंगे। श्रद्धालुओं के वाहनों की पार्किंग के लिए कड़वीशा नाला, तिलक हॉल, श्री बालाजी मंदिर परिसर और कामेश्वर ऑयल मिल सहित निर्धारित स्थानों पर व्यवस्था की जाएगी। मेला स्थल तक पहुंचने वाले मार्गों की मरम्मत, घाट पर रंग-रोगन, पर्याप्त विद्युत प्रकाश, साफ-सफाई, मेला प्रांगण का समतलीकरण और मुख्य मंच की मरम्मत सहित आवश्यक व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जा रहा है। पेयजल, यातायात और श्रद्धालुओं के सुरक्षित आवागमन के लिए भी संबंधित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।

श्रीमती अर्चना चिटनिस ने नगरवासियों एवं आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं से सपरिवार मेले में पहुंचकर भगवान श्री बालाजी महाराज के दर्शन करने तथा धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सहभागी बनने की अपील की है।

दिनांक:- 20 अक्टूबर 2026

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