झाबुआ में कपास के खेतों के बीच चल रही थी गांजे की खेती: पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाई में 60 लाख से अधिक का 607 किलो अवैध गांजा किया जब्त

(झाबुआ:- पुलिस कप्तान श्री देवेंद्र पाटीदार)
झाबुआ में कपास के खेतों के बीच चल रही थी गांजे की खेती: पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाई में 60 लाख से अधिक का 607 किलो अवैध गांजा किया जब्त

झाबुआ

जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। झाबुआ पुलिस ने दो अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए 60 लाख 30 हजार रुपए मूल्य का कुल 607 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी कपास और तुवर की मुख्य फसलों के बीच छिपाकर अवैध गांजे के पौधे उगा रहे थे।
एसपी देवेंद्र पाटीदार ने एक प्रेस वार्ता के दौरान इस पूरी कार्रवाई का खुलासा किया।
पहली कार्रवाई: कालीदेवी थाना क्षेत्र का मामला
पुलिस के अनुसार, पहली कार्रवाई कालीदेवी थाना क्षेत्र के ग्राम छापरी में की गई। यहाँ आरोपी गोपाल पिता रत्ना मोरी के खेत से 80 किलो गांजा बरामद किया गया। पुलिस के पहुँचने से पहले ही आरोपी मौके से फरार होने में कामयाब रहा, जिसकी तलाश सरगर्मी से की जा रही है।
दूसरी कार्रवाई: पेटलावद के ग्राम हिम्मतगढ़ में सबसे बड़ा खुलासा
दूसरी और सबसे बड़ी कार्रवाई पेटलावद के ग्राम हिम्मतगढ़ में अंजाम दी गई। यहाँ आरोपी गलिया पिता भेरू डामर के खेत में कपास और तुवर की फसल के बीच अवैध रूप से गांजे के पौधे उगाए जा रहे थे। पुलिस ने इस कार्रवाई में कुल 526 किलो गांजे के पौधे बरामद किए हैं।
नशा मुक्त भारत अभियान के तहत आगे भी जारी रहेगी सख्ती
झाबुआ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि केंद्र और राज्य सरकार के 'नशा मुक्त भारत अभियान' के तहत अवैध मादक पदार्थों और उनकी तस्करी के खिलाफ पुलिस का यह शिकंजा आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस अवैध खेती के तार और कहाँ-कहाँ जुड़े हैं और इस नेटवर्क में कौन-कौन शामिल है।
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