दीपदान, कुंभाभिषेक और शहनाई वादन के साथ तीन दिवसीय ऐतिहासिक श्री बालाजी मेले का शुभारंभ, अर्चना चिटनिस ने की महाआरती

23 Oct 2026 - 20:13
0 17
दीपदान, कुंभाभिषेक और शहनाई वादन के साथ तीन दिवसीय ऐतिहासिक श्री बालाजी मेले का शुभारंभ, अर्चना चिटनिस ने की महाआरती

दीपदान, कुंभाभिषेक और शहनाई वादन के साथ तीन दिवसीय ऐतिहासिक श्री बालाजी मेले का शुभारंभ, अर्चना चिटनिस ने की महाआरती

बुरहानपुर। माँ ताप्ती के पावन तट स्थित सतियारा घाट पर भगवान श्री बालाजी महाराज के ऐतिहासिक तीन दिवसीय मेले का शुभारंभ गुरुवार, 22 अक्टूबर को श्रद्धा, भक्ति और पारंपरिक उल्लास के साथ हुआ। माँ ताप्ती की महाआरती, दीपदान, भगवान श्री बालाजी महाराज के कुंभाभिषेक और शहनाई वादन से पूरा घाट भक्तिमय हो उठा। विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) ने माँ ताप्ती की महाआरती में सहभागिता कर क्षेत्र की सुख-शांति, समृद्धि और विकास की कामना की।

मेले के शुभारंभ अवसर पर भगवान श्री बालाजी महाराज का विधि-विधान से कुंभाभिषेक किया गया। चंद्रकांत बालाजीवाले एवं मोहन बालाजीवाले के सानिध्य में ब्राह्मणों ने धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए। इसके पश्चात भगवान श्री बालाजी महाराज तीन दिनों के लिए सतियारा घाट स्थित अस्थायी मंदिर में विराजमान हुए। श्रद्धालुओं ने माँ ताप्ती में दीपदान कर अपनी आस्था अर्पित की तथा भगवान श्री बालाजी महाराज के रथ का स्वागत किया। इस दौरान ‘गोविंदा-बालाजी, बालाजी-गोविंदा’ के जयघोष से सतियारा घाट गूंज उठा। शहनाई की मंगलध्वनि और भजन संध्या ने आयोजन को भक्तिमय बना दिया।

24 अक्टूबर को भजन संध्या और गरबा रास प्रतियोगिता

मेले के अंतिम दिन शनिवार, 24 अक्टूबर को भजन संध्या आयोजित होगी। इसके साथ गरबा रास प्रतियोगिता में प्रतिभागी अपनी नृत्य कला और सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जाएगा।

भगवान श्री बालाजी महाराज का यह मेला लगभग साढ़े चार सौ वर्षों से बुरहानपुर की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बना हुआ है। पिछले 18 वर्षों से विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस मेले को व्यवस्थित, भव्य और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने की दिशा में लगातार प्रयासरत रही हैं। उनके प्रयासों से मेले में प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। धार्मिक परंपराओं को सहेजते हुए मेले को बेहतर व्यवस्थाओं और सांस्कृतिक आयोजनों से जोड़ने की दिशा में निरंतर काम किया गया है।

मेले में विभिन्न व्यायामशालाओं के युवा श्रद्धालुओं का चंदन तिलक लगाकर स्वागत कर रहे हैं। परिसर में खानपान एवं प्रसाद की दुकानों, बच्चों के खिलौनों और झूलों सहित मनोरंजन की व्यवस्थाएं की गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए साफ-सफाई, विद्युत प्रकाश, पेयजल, पार्किंग और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था की गई है। ताप्ती नदी के तट पर सुरक्षा की दृष्टि से होमगार्ड जवानों एवं गोताखोरों की तैनाती भी की गई है।

तीन दिवसीय इस मेले में बुरहानपुर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर भगवान श्री बालाजी महाराज के दर्शन कर रहे हैं। धार्मिक अनुष्ठानों, पारंपरिक आयोजनों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ सतियारा घाट पर भक्ति और उत्सव का माहौल बना हुआ है।

दिनांक:- 23 अक्टूबर 2026

Comments (0)

User