राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की है।
राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर पुलिस बल के साहस और बलिदान को याद किया। उन्होंने कहा
गहन कृतज्ञता पुलिसकर्मी अत्यधिक कठिन परिस्थितियों में भी अपनी प्रतिबद्धता के साथ देश की सेवा करते हैं।
सर्वोच्च बलिदान: कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराधों से निपटने, आपात स्थिति में तुरंत सहायता करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पुलिस बल का योगदान अमूल्य है।
उनका साहस, अटूट समर्पण और सर्वोच्च बलिदान देश की स्मृतियों में हमेशा अमर रहेगा।
2. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मुख्य कार्यक्रम
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली स्थित 'राष्ट्रीय पुलिस स्मारक' (National Police Memorial) पर जाकर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी और पुष्प चक्र अर्पित किए।
इस दौरान गृह मंत्री ने देश की आंतरिक सुरक्षा, नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई और नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों में पुलिस बलों के ऐतिहासिक योगदान की सराहना की। उन्होंने देश को नशामुक्त बनाने का संकल्प भी दोहराया।
गृह मंत्री ने नशे के खिलाफ जागरूकता और सुरक्षा संदेश देने वाली एक राष्ट्रव्यापी बाइक रैली को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो विभिन्न राज्यों से होते हुए 31 अक्टूबर (राष्ट्रीय एकता दिवस) को गुजरात के एकता नगर पहुंचेगी
3. क्यों मनाया जाता है यह दिवस? (इतिहास)
21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के 'हॉट स्प्रिंग्स' (Hot Springs) क्षेत्र में चीनी सैनिकों के अचानक हुए हमले का मुकाबला करते हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के 10 वीर जवान शहीद हो गए थे।
उन्हीं अमर जवानों और देश भर में ड्यूटी के दौरान कर्तव्य पथ पर जान गंवाने वाले तमाम पुलिसकर्मियों की स्मृति में हर साल 21 अक्टूबर को 'राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस' के रूप में मनाया जाता है।
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