बुरहानपुर: सृष्टि सेवा संकल्प अभियान' का दो दिवसीय संभाग स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न, प्रकृति और पेड़ों से जोड़कर त्यौहार मनाने का दिया संदेश

बुरहानपुर: सृष्टि सेवा संकल्प अभियान' का दो दिवसीय संभाग स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न, प्रकृति और पेड़ों से जोड़कर त्यौहार मनाने का दिया संदेश


बुरहानपुर |
शहर की इंदिरा कॉलोनी स्थित महेश्वरी भवन में 'सृष्टि सेवा संकल्प अभियान' के तहत दो दिवसीय संभाग स्तरीय प्रशिक्षण वर्ग (इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम और जबलपुर संभाग) का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रकृति, पर्यावरण और पेड़ों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना तथा सनातन संस्कृति से जुड़े पेड़ों के महत्व को जन-जन तक पहुंचाना रहा।
सनातन परंपरा और प्रकृति का अटूट रिश्ता
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने बताया कि हमारे पारंपरिक त्यौहार और सनातन धर्म सीधे तौर पर प्रकृति और पेड़ों से जुड़े हुए हैं। मनुष्य को अपने हर उत्सव और त्यौहार—जैसे रक्षाबंधन, दीपावली, होली आदि—पेड़ों के साथ और प्रकृति के सान्निध्य में मनाने चाहिए।
धार्मिक एवं औषधीय महत्व: पीपल के पेड़ में देवताओं का वास माना जाता है, बेल पत्र के वृक्ष में भगवान शिव का निवास होता है, और आंवले के पेड़ की पूजा कर आंवला नवमी का पर्व मनाया जाता है।
पर्यावरण संरक्षण का संदेश: अभियान के तहत यह प्रेरणा दी गई कि शादी, जन्मदिन या अन्य खुशी के मौकों पर उपहारों के आदान-प्रदान के साथ वृक्षारोपण को प्राथमिकता दी जाए।
प्लास्टिक मुक्त बुरहानपुर और पर्यावरण रक्षा का संकल्प
कार्यक्रम स्थल पर और बसर के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के कई अनूठे संदेश दिए गए, जैसे:
"झोला लेकर बाजार जाएं, धरती माँ को जहर (प्लास्टिक) से बचाएं।"
स्टील की बोतल अपनाने और कपड़े के थैले का उपयोग करने का आह्वान किया गया।
सिंगल-यूज प्लास्टिक के बहिष्कार और धरती को हरा-भरा बनाने का संकल्प लिया गया।
इस दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में विभिन्न संभागों से आए कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और पर्यावरण संरक्षण के इस महाअभियान को बुरहानपुर सहित पूरे प्रदेश में जमीनी स्तर पर फैलाने की रूपरेखा तैयार की।
कार्यक्रम में इंदौर से आई प्रियंका तिवारी ने मनुष्य को प्रकृति से जुड़े रहने का संदेश दिया है
कार्यक्रम में आए प्रदेश से आनंद राजपूत ने भी सृष्टि संकल्प संस्था के बारे में जानकारी देते हुए कहां की कोरोना काल से जिससे मैं ऑक्सीजन की कमी हुई थी इस समय से संस्था की उत्पत्ति है जिस समय कोरोना काल में ऑक्सीजन की भयावह स्थिति बन गई थी संस्था का कार्य 8 प्रदेशों में और 50 जिलों में सक्रिय रूप से कार्यक्रम जारी है बुरहानपुर में सृष्टि सेवा संकल्प का कार्यक्रम का दो दिवसीय प्रशिक्षण रखा गया था जिसमें कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया
साथ ही बुरहानपुर के विधायक प्रतिनिधि रुद्रेश्वर एंडोले ने कहां की सृष्टि सेवा संस्थान के युवाओं को में धन्यवाद देता हूं जिन्होंने अपना अमूल्य समय निकालकर प्रकृति के इस कार्यक्रम का आयोजन कर सफल बनाया है और अपने विचारों को जन-जन तक पहुंचाया है

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