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सरयू पुल के मरम्मत कार्य में नौ दिन चले अढ़ाई कोस वाली कहावत चरितार्थ,जिम्मेदार मौन

राहगीरों को अभी करना पड़ सकता है लम्बा इंतजार

कर्नलगंज (गोण्डा) : तहसील क्षेत्र कर्नलगंज अन्तर्गत सरयू नदी पर बने कटराघाट सरयू पुल के क्षतिग्रस्त होने के पश्चात शुरू हुए मरम्मत कार्य में नौ दिन चले अढ़ाई कोस वाली कहावत लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों पर एकदम सटीक बैठती है।

विदित हो कि क्षतिग्रस्त सरयू पुल जिसे 15 दिनों में दुरुस्त कर आवागमन सुचारू रूप से संचालित हो जाने की बात कही जा रही थी उस पर करीब 14 दिन बीतने के बाद भी दूर – दूर तक अभी सुचारू रूप से आवागमन बहाल होने की स्थिति नजर नहीं आ रही है।

बताते चलें कि गोण्डा से लखनऊ को जोड़ने वाले मार्ग पर बीते कुछ दिनों पूर्व कटराघाट स्थित सरयू पुल के अचानक क्षतिग्रस्त होने के बाद बड़े वाहनों का आवागमन पूर्ण रूप से रोक दिया गया था।

राजधानी से आये विभागीय अधिकारियों के निरीक्षण के बाद हल्के वाहनों को निकलने की अनुमति दी गई और यह कहा गया कि 15 दिनों में मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया जायेगा वहीं मरम्मत का कार्य भी कच्छप गति से शुरू हो गया। लेकिन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी मार्ग पर जरूरी जगहों पर संकेतांक लगाना भूल गये जिससे राहगीर भ्रमित होकर उधर उधर भटकते रहे।

अब इसे अधिकारियों की उदासीनता कहें या लापरवाही ? फ़िलहाल काफी विलम्ब के बाद 14 दिन बीत जाने पर एकाध जगहों पर कहीं-कहीं संकेतांक लगवाना शुरू किया गया है। इसी बीच 9 अक्टूबर को लोक निर्माण विभाग द्वारा एक तुगलकी फरमान जारी कर अचानक एक बार फिर सरयू पुल पर आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया। जिससे तमाम लोगों को बीच रास्ते से बैरंग लौटना पड़ा। विभाग द्वारा जारी पत्र के मुताबिक केवल अति विशिष्ट,विशिष्ट एवं इमरजेंसी वाहनों को निकलने की छूट दी गई।

विभागीय सूत्रों की माने तो यह कार्य बमुश्किल 7 दिनों में कड़ी मेहनत के साथ पूर्ण किया जा सकता था पर मन्द गति से चल रहे मरम्मत कार्य को देखकर यह नहीं लगता है कि अभी जल्दी कुछ दिनों में आवागमन बहाल हो सकेगा। अब गंभीर प्रश्न यह उठता है कि आधुनिकता के इस दौर में जहां अच्छी मशीनें और तकनीकी व्यवस्था मौजूद है तो फिर इस पुल के सही करने में इतना ज्यादा वक्त क्यों लग रहा है? क्या जिम्मेदार जानबूझकर ऐसा कर रहे हैं?

जो भी हो पर इसका खामियाजा तो केवल जनता को भुगतना पड़ रहा है। मौजूदा समय मे त्योहारी सीजन की रफ्तार चल रही है जिसके चलते लोगों का आवागमन लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा आवागमन हेतु जिन रूटों का निर्धारण किया गया है उसमें कर्नलगंज धनावा वाया फतेहपुर कोटहना मार्ग शामिल नही है लेकिन विभाग द्वारा संकेतांक न लगाये जाने से तमाम भारी वाहन इस मार्ग पर बेरोकटोक चल रहे हैं।

यह सिंगल रोड है जिस पर सरयू डिग्री कालेज,सरयू बालिका विद्यालय,मत्स्य शोध संस्थान,पॉलिटेक्निक कालेज,साँई स्पोर्ट्स स्कूल,आश्रम पद्धति विद्यालय तथा प्राथमिक विद्यालय के छात्रों के आने जाने का यही एक मात्र रास्ता है,जहां घण्टो भारी जाम में लोग फंसे रहते हैं। ऐसी स्थिति में भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित न होने से दुर्घटना की संभावनाओं से भी इनकार नहीं किया जा सकता। जबकि भारी वाहनों के दिन रात चलने से सड़क क्षतिग्रस्त हो चुकी है। आखिर जिम्मेदार कौन ?

सबसे बड़ी समस्या तो उन बीमार व्यक्तियों के लिए है जो एम्बुलेंस के बजाय अपने निजी साधनों से स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए राजधानी जाते हैं जिन्हें आये दिन पुल के पास बनाये गये डायवर्जन पर सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों से उलझना पड़ता है लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही इस कदर हावी है जिसका कोई जवाब नहीं। जिम्मेदारों की लापरवाही का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ता है।

इतना ही नहीं जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा भी कहीं ना कहीं अधिकारियों का मनोबल बढ़ा रही है जिसे कोई पूँछने वाला नहीं है। जो आदेश विभाग के अधिकारियों ने जारी किया है उसमें वीआईपी मूवमेंट को छूट दे दी गई है बाकी बची जनता वह परेशान होती रहे,कोई दिक्कत नहीं। यदि स्थानीय पुलिस सक्रिय न रहे तो आये दिन पुल पर भारी जाम लगा रहने से कभी भी स्थिति खराब हो सकती है। सरयू पुल पर जहाँ मरम्मत का कार्य चल रहा है वहाँ कोई जिम्मेदार कभी मौजूद नहीं रहता। रविवार दोपहर में वहां मौजूद जेई ने बताया कि हमारा क्षेत्र कटरा बाजार है और हम मात्र आठ घण्टे की ड्यूटी पर हैं। उनसे कोई सार्थक जवाब नही मिल सका। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि लोग कितने जिम्मेदार हैं।

उक्त मामले में लोकनिर्माण विभाग के एक्सईएन से बात करने की कोशिश की गई तो उनसे सम्पर्क नहीं हो सका। फिलहाल गस्त पर निकले प्रभारी निरीक्षक कोतवाली कर्नलगंज प्रदीप कुमार सिंह द्वारा भारी जाम व मौजूदा हालात को देखते हुये कर्नलगंज-धनावा मार्ग पर जाने वाले भारी वाहनों को मोड़कर विभाग द्वारा निर्धारित मार्गों पर आवागमन के लिये मौर्यनगर चौराहे पर सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिया गया है।

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