वट वृक्ष पूजन दिवस पर देव जायसवाल एवं विशाल सिंह ने आदिवासी महिलाओं से कराया वट वृक्ष का वृक्षारोपण

पर्यावरण की सुरक्षा प्रत्येक मनुष्य का धर्म- देव जायसवाल

नौगढ़ : भौतिक संसाधनों की होड़ में मनुष्य पर्यावरण का बेहिसाब दोहन कर रहा है कुछ वर्षों पहले हरा भरा या शहर अब कंक्रीट के जंगलों में तब्दील हो गया है वातावरण प्रदूषित होने के कारण हम तमाम तरह की बीमारियों के चपेट में आ रहे हैं कुछ पल शुद्ध वातावरण में गुजारने के लिए लोगों को पार्क बगीचे के लंबे फैसले तय करने पड़ रहे हैं फिर भी हम मनुष्य अपनी और अपनी अगली पीढ़ी के भविष्य को लेकर लापरवाह और मुख दर्शक बने हुए हैं और सरकार प्रशासन से अपेक्षा कर रहे हैं कि इस गंभीर समस्या का निराकरण वह करें जो कि बेईमानी है।

उक्त विचारों को प्रधानमंत्री जन कल्याण योजना चंदौली के जिला अध्यक्ष देव जायसवाल ने व्यक्त किए। देव जायसवाल ने वट वृक्ष पूजन दिवस पर आदिवासी महिलाओं के मध्य बरगद के पेड़ का वितरण किया उनके संरक्षण का संकल्प दिलवाया। उन्होंने कहा कोरोना महामारी के दूसरे लहर में ऑक्सीजन के महत्व को लोग अच्छी तरह समझ चुके हैं। यह पेड़ ही है जो हमें ऑक्सीजन देते हैं और हमारे वातावरण का कार्बन डाइऑक्साइड खुद ग्रहण कर लेते हैं। आपके घरों के आसपास जितना अधिक पेड़ रहता है आपके वातावरण में ऑक्सीजन लेवल उतना ही अधिक रहता है ऐसे में हम सभी लोगों को अपने क्षेत्र का ऑक्सीजन लेवल बढ़ाने के लिए एवं प्रदूषण से बचने के लिए एक प्रयास अवश्य करना चाहिए। यह लक्ष्य केवल एक अकेले के द्वारा संचालित नहीं हो सकता लेकिन एक एक करके सभी ने मिलकर पहल किया तो शहर में लाखों की संख्या में वृक्ष लगाए जा सकते हैं लेकिन उसके लिए हर इंसान को यह जिम्मेदारी लेनी होगी और उसका संरक्षण भी अपने बच्चे की तरह जिम्मेदारी के साथ करना होगा। सब के आंशिक प्रयास से यह शहर चार-पांच वर्षों में ही फिर से हरा भरा हो जाएगा। इसलिए मेरा अनुरोध है कि अपने घरों के आसपास कम से कम एक वृक्ष अवश्य लगाएं और उसका संरक्षण करें और समाज के लिए मिसाल बनें।

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