जनता को दिखा रहे थे वर्दी का रौब , एसएसपी ने कर दिया दरोगा को निलंबित।

वाराणसी : बहुत समय नहीं हुआ है वाराणसी के नए एसएसपी अमित पाठक को जिले में आए हुए। लेकिन एसएसपी अमित पाठक अपने कार्यों के कारण खबरों में बने ही रहते हैं। वाराणसी में उन्होंने बहुत कम समय में लोगों का भरोसा जीत लिया है। अपने सक्रियता और कानूनी सख्ती को लेकर वे चर्चा में बने  रहते हैं। अब ऐसा ही कारनामा बीते रविवार को एक बार फिर एसएसपी साहब ने कर दिया है। कहानी एकदम फिल्मी है। बस अलग ये है कि घटना सच्ची है।

वाराणसी के बरेका पुलिस चौकी में कुछ लोगों को पुलिस पकड़ लाई। चौकी में उन आम लोगों को बैठाया गया। इन पर कुछ पुलिसकर्मी वर्दी का रौब गांठने लगे। कहा जा रहा है कि पुलिस वालों ने पकड़े गए लोगों से पैसे की मांग की। दिलचस्प है कि लोगों को बगैर किसी आरोप के पकड़ा गया था। मतलब अवैध तरीके से। ये खबर पहुंच गई एसएसपी अमित पाठक के पास तक। सूचना मिलते ही वे हरकत में आ गए। उन्होंने एसपी सिटी विकास चन्द्र त्रिपाठी को निर्देशित किया। जिसके बाद विकास चन्द्र त्रिपाठी खुद चौकी पर पहुंच गए।

विकास चन्द्र त्रिपाठी मौका ए वारदात पर पहुंचे तो सूचना सही निकली। उन्होंने तत्काल सभी आम लोगों को घर भेज दिया। साथ ही घर भेज दिया मौके पर तैनात कार्यवाहक प्रभारी संग्राम सिंह यादव, दरोगा रामपूजन बिंद, हेड कांस्टेबल धनंजय सिंह, शैलेन्द्र कुमार गुप्त और कांस्टेबल हनुमान निषाद को भी। इन सभी पुलिसवालों को लाइन हाजिर किया गया। पांचों के वर्दीधारियों के खिलाफ एसएसपी ने तुरंत विभागीय जांच बैठा दिया। सभी की करतूत सामने आई, आरोप सही साबित हुए। फिर क्या था? पांचों पुलिसकर्मियों को पुलिस विभाग की छवि करने के कारण निलंबित कर दिया गया।

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