50 साल से ऊपर वाले सरकारी कर्मियों पर लटकी अनिवार्य सेवानिवृत्ति की तलवार

लखनऊ ब्यूरो संग वरिस्ठ रिपोटर सतीश कुमार मौर्य

लखनऊ अपडेट

50 साल से ऊपर वाले सरकारी कर्मियों पर लटकी अनिवार्य सेवानिवृत्ति की तलवार।

मुख्य सचिव ने सभी विभागों से मांगी सूची लापरवाह कर्मियों और अफसरों पर पर गिरेगी गाज

पत्र जारी हुआ

वित्तीय हस्तपुस्तिका खण्ड-2, भाग 2 से 4 के मूल नियम-56 में यह व्यवस्था है कि नियुक्ति प्राधिकारी, किसी भी समय, किसी सरकारी सेवक को (चाहे वह स्थायी हो अथवा अस्थायी नोटिस देकर बिना कोई कारण बताए उसके पचास वर्ष की आयु प्राप्त कर लेने के पश्चात् सेवानिवृत्त हो जाने की अपेक्षा कर सकता है। ऐसी नोटिस की अवधि तीन मास होगी

उपर्युक्त के सम्बन्ध में शासनादेश संख्या-13/48/85-कार्मिक दिनांक 26 अक्टूबर, 1985 में कतिपय मार्गदर्शक निर्देशों सहित अनिवार्य सेवानिवृत्ति हेतु गठित की ने वाली स्क्रीनिंग कमेटियों का विस्तृत वर्णन किया गया है। इस प्रयोजन हेतु पाश्र्वकिंत शासनादेश भी निर्गत किये गये है।

2 शासनादेश संख्या-13/5-89-का-1-1989, दिनांक 06 फरवरी, 1989 शासनादेश संख्या-13/6/98-का-1-98, दिनांक 21 मई, 1998 शासनादेश संख्या-868/13/6-98-का-1-2000, दिनांक 23 सितम्बर शासनादेश संख्या-199/का-1-2001 दिनांक 23 सितम्बर, 2000 शासनादेश संख्या-13 (1)/2007/का-1-2007, दिनांक 25 जनवरी शासनादेश संख्या-3/2017/13(1)/2007/का-1-2017, दिनांक 06 जुलाई, 2017 anadesh

3 उक्त के क्रम में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि कृपया अपने विभाग के अधिष्ठानीय नियंत्रणाधीन समस्त कार्मिको सम्बन्ध में अनिवार्य सेवानिवृत्ति हेतु स्क्रीनिंग की कार्यवाही नियमानुसार दिनांक 31.07.2022 तक अवश्य पूर्ण कर ली जाय। 50 वर्ष की आयु के निर्धारण हेतु कट-आफ-डेठ दिनांक 31 मार्च, 2022 होगी, अर्थात् ऐसे सरकारी सेवक जिनकी आयु दिनांक 31 मार्च, 2022 को 50 वर्ष अथवा इससे अधिक होगी, स्क्रीनिंग हेतु विचारण क्षेत्र में आयेंगे ।

4- मुझे यह भी कहने का निदेश हुआ है कि 50 वर्ष की आयु पूरी करने वाले किसी सरकारी सेवक के मामले को स्क्रीनिंग कमेटी के समक्ष रख कर यदि उसे सेवा में बनाये रखने का एक बार निर्णय ले लिया गया हो तो सामान्यतया उस सरकारी सेवक को उसकी अधिवर्षता आयु प्राप्त करने तक सेवा में बनाये रखा जाये और उसके मामले को आगामी वर्षों में संपन्न होने वाले स्क्रीनिंग कमेटी के समक्ष पुनः रखने की आवश्यकता नहीं है। परन्तु ऐसे मामलों में यदि कोई महत्वपूर्ण तथ्य नियुक्ति प्राधिकारी के संज्ञान में आते हैं तो वे किसी भी समय उक्त मूल नियम 56 के तहत ऐसे सरकारी सेवक को जनहित में अनिवार्य सेवानिवृत्त करने का निर्णय ले सकते हैं या यथास्थिति उसका मामला अनुवर्ती स्क्रीनिंग कमेटी के समक्ष रख सकते हैं।

5 कृपया उपरोक्तानुसार कार्यवाही सुनिश्चित कराकर अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त किये गये कार्मिकों की समेकित सूचना (क्षेत्रीय स्तर से अथवा एक ही विभाग के भिन्न-भिन्न अनुभाग के स्तर से प्राप्त सूचनायें अनुश्रवण हेतु ग्रहण / संकलित नहीं की जायेगी, स्वहस्ताक्षर से निर्धारित प्रारूप पर कार्मिक अनुभाग-1 को दिनांक 15.08.2022 तक उपलब्ध कराने का कष्ट करें।

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