माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी के वाराणसी संसदीय क्षेत्र में शिक्षा विभाग में हो रहा गजब का खेल

आत्मा प्रसाद त्रिपाठी की खास रिपोर्ट

जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा मोटी रकम लेकर फर्जी विद्यालयो का किया जा रहा वेतन भुगतान

जिला विद्यालय निरीक्षक ने मुख्यमंत्री के आदेश एवं प्रमुख सचिव के जांच आदेश को दिखाया ठेंगा ?
अपने मर्जी से किया वेतन पारित

 वाराणसीl  नीति आयोग द्वारा चयनित मॉडल ब्लॉक विकासखंड सेवापुरी के हरिहरपुर ग्राम में फर्जी ढंग से संचालित हो रहे विद्यालय बाबू जगन प्रसाद संस्कृत महाविद्यालय  व उत्तर माध्यमिक विद्यालय का मामला l फर्जी ढंग से संचालित करने के मामले मे पूर्णतया दोष सिद्ध हो जाने के बाद भी किया वेतन जारी , ज्ञात हो कि उक्त विद्यालय के प्रकरण  में 4,10, 2017 को प्रमुख सचिव के आदेश पर द्वय प्रधानाध्यापकों द्वारा जांच कराया गया था lजिसमें सारा दोष भी सिद्ध हो चुका है वही माननीय मुख्य मंत्री अस्तर से भी जांच में दोष सिद्ध हो चुका था l वही इस मामले में वाराणसी जेडी के द्वारा उक्त प्रकरण में  मुकदमा पंजीकृत करने का आदेश भी दिया गया था यहां तक कि पूर्व डिवायस ने वेतन रोक दिया था l विशेष सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान वाराणसी जिला विद्यालय निरीक्षक बिनोद कुमार राय व उनके सहायक पटल जयदिप कुमार  द्वारा मोटी रकम लेकर  मुख्यमंत्री व प्रमुख सचिव के जांच  आदेश को ठेंगा दिखाते हुए 31 मार्च को वेतन जारी कर दिया गया वही इस बाबत पूछने पर पहले  तो  जिला विद्यालय  निरीक्षक ने बताया कि संस्कृत विद्यालय हमारे क्षेत्र में नहीं आता lअब सवाल यह उठता है कि जब संस्कृत विद्यालय आपके क्षेत्र में नहीं आता व इसकी जांच शासन प्रशासन के द्वारा कराई गई थी तो किस आदेश पर आपने वेतन पारित किया वही इस मामले में जिला विद्यालय निरीक्षक से पूछने पर उन्होंने बताया कि मैंने अपनी मर्जी से वेतन पारित किया है मुझे जो सही लगा मैंने किया प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री के जांच आदेश को मैं नहीं जानता l दूसरा सवाल यह उठता है कि अगर आरोपी वेतन भुगतान के लिए उच्च न्यायालय गए तो जिला विद्यालय निरीक्षक ने इतने बड़े गंभीर आरोपों को क्यों छुपाया वह कोर्ट को क्यों गुमराह किया  कृपया शासन-प्रशासन के स्तर से जांच होने के बाद नहीं कोई आदेश आया ना कहीं कोई कोर्ट का फैसला तो किस आधार पर वेतन जारी कर दिया गया l एक तरफ हमारे  माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी वह माननीय मुख्यमंत्री जी देश को भरस्टाचार मुक्त बनाना चाहते है तो वही  दूसरी तरफ शिक्षा विभाग में कुछ ऐसे भरस्ट अधिकारी भी है जो उच्चादिकारियो के आदेश को थे ठेंगा दिखा रहे है और अपनी मनमानी कर भरस्टाचार को बढ़ावा दे रहे है

Leave a Reply

Your email address will not be published.