भारत मे एमबीबीएस की फीस ज्यादा होने के कारण,जाना पड़ा यूक्रेन

राजगढ मिर्ज़ापुर रूस यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के दौरान यूक्रेन में फंसे राजगढ़ क्षेत्र के नदीहार गांव निवासी अमन पटेल के सकुशल घर वापसी पर परिवार के लोगों ने भारत सरकार का आभार व्यक्त करते हुए खुशी व्यक्त की।
मड़िहान थाना क्षेत्र के नदीहार गांव निवासी अमन पटेल पुत्र त्रिभुवन सिंह 3 वर्ष से यूक्रेन में रहकर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा था। रसिया व यूक्रेन के बीच चल रही युद्ध से अमन पटेल यूक्रेन की राजधानी कीव में फंसा हुआ था। अमन पटेल ने बताया कि यूक्रेन में छात्रावास द्वारा बनाये गए बंकर में उसे लगभग दो सौ छात्रों के साथ रखा गया था।जहां खाने-पीने की वस्तुएं बड़े मुश्किल से मिल रही थी। यूक्रेन की राजधानी किव से लगभग 800 किलोमीटर दूर बस तथा ट्रेन से यात्रा कर किसी तरह हंग्री देश पहुंचे। यूक्रेन का बॉर्डर पार कराने के लिए वहां की आर्मी द्वारा इन छात्रों से पैसा भी लिया गया। हंग्री पहुंचने के बाद 2 दिन होटल में रखा गया। जिसका पूरा खर्च भारत सरकार वहन किया तथा सभी को अच्छी सुविधाएं दी गई। छात्रों को ले जा रही बसों पर भारत का राष्ट्रीय ध्वज लगाया गया था। जिससे उन वाहनों पर किसी प्रकार का हमला नहीं किया गया।
उन्होंने बताया कि यूक्रेन से निकलने के लिए ट्रेन का टिकट कराया गया। परंतु रेलवे लाइन बंद होने के कारण ट्रेनें रोक दी गई थी। यूक्रेन सरकार द्वारा एक शहर से दूसरे शहर के लिए लोकल फ्री ट्रेनें चलाई जा रही थी। जिससे युद्ध क्षेत्र कीव से किसी तरह अपने आप को बचाकर चोरी-छिपे बस व ट्रेनों के जरिए लविव शहर में पहुंचे। वहां से बस द्वारा यूक्रेन बॉर्डर पार कर हंग्री पहुंचे। हंग्री बॉर्डर में प्रवेश करने पर भारत सरकार द्वारा सभी छात्रों को सारी सुविधाएं मुहैया कराई गई।हंग्री में सरकार की देखरेख में दो दिन रुकने के बाद हवाई जहाज द्वारा भारत लाया गया।
एमबीबीएस तृतीय वर्ष का छात्र अमन पटेल ने कहा कि वह मध्यमवर्गीय परिवार का रहने वाला है। भारत में एमबीबीएस पढ़ाई के लिए भारी भरकम फीस भरनी पड़ती है। जिससे एमबीबीएस की पढ़ाई करने लिए यूक्रेन जाना पड़ा। एमबीबीएस की पढ़ाई अधूरे में छूटने से अपने भविष्य को लेकर यह छात्र काफी परेशान है। परंतु भारत सरकार की मदद से सकुशल अपने बेटे को वापस परिवार में पहुंचने के बाद माता पिता भारत सरकार की सराहना करते हुए खुशी जाहिर कर रहे हैं।

बरिष्ठ पत्रकार आत्मा प्रसाद त्रिपाठी

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