बेचूबीर की चौरी पर दूसरे दिन भी दो लाख से अधिक भक्तो ने टेका मत्था

आत्मा प्रसाद त्रिपाठी की रिपोर्ट

अहरौरा (मीरजापुर) : अन्तर प्रान्तीय अति प्राचीन बेचुबीर का मेला वैज्ञानिक युग में विज्ञान को धता बताते हुए अंधविश्वास पर टिका विश्वास का यह पूजा दे बेचुआ बेचुआ कहकर स्वर में चिल्लाती हबुआती रही मेला क्षेत्र टैक्टर भरी सवारी गाड़ियों टुटे गढ्ढो के बीच भक्तों का हुजूम एक बार फिर बेचुबीर धाम पर उमड़ा।

विभिन्न बाधाओं से निजात पाने के साथ ही संतान प्राप्ति की इच्छा के लिए महिलाओं का रेला लगातार बाबा की चौरी पर कुछ कर रहा है पूजा स्थल पर हजारों महिलाओं के पहुंचने से भीड़ को नियंत्रित करने में प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी ।

बुधवार मध्य रात्रि बृहस्पतिवार को दो से तीन लाख भक्तों ने चौरी पर मत्था टेका। मान्यता के अनुसार पूजा के पर्व पर भक्सी नदी पर स्नान कर महिलाओं के वस्त्र बदलने की व्यवस्था टेंट लगाकर करा दी गई है नदी के आसपास छोड़े गए वस्त्रों गंदगी और कूड़े के अंबार से निपटने के लिए नगर पालिका की तरफ से साफ सफाई की व्यवस्था कराई गई जिससे मेला परिसर में सफाई बनी रहे।

संतान प्राप्ति की इच्छा वाले दंपत्तियों की भीड़ भी बाबा के धाम पहुंची विशाल मेला क्षेत्र में जगह-जगह टेंट लगाकर अस्थाई दुकानें सजाई गई इसके चलते भक्तों को आवागमन में काफी परेशानी हुई।

अस्थाई तौर पर टैंकर से पेयजल की आपूर्ति भीकी जा रही है इसके अलावा आगजनी की घटनाओं से निजात पाने के लिए दमकल की गाड़ियों की भी व्यवस्था कहीं कहीं नजर नहीं आई फिर नियंत्रित करने में प्रशासन को काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा मेला की निगरानी के लिए प्रशासन के पास 8 सीसी कैमरे लगाए गए लगातार की जा रही है मेला के चोरी क्षेत्र में बेचुआ के स्वर से लहलहा रहा मेला भूत प्रेत बाधाओं के चक्कर में उसके कार्य जीवन और ओझा के साथ मेला क्षेत्र में भूतों से निजात पाने के लिए अपने साथ ओझा लेकर साथ आते हैं ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *