डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय भदोही में नवाचार परिषद (आईआईसी) और आइक्यूएसी की बैठक संपन्न

भदोही से डॉ अनीश मिश्रा की रिपोर्ट

महाविद्यालय में नवाचार परिषद (आईआईसी) और आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आइक्यूएसी) की तिमाही बैठक संपन्न हुई. नवाचार परिषद के अध्यक्ष डॉ राजकुमार सिंह यादव ने बताया कि नवाचार परिषद की तिमाही बैठक आज आयोजित की गई. जिसमें परिषद की पिछले काम की समीक्षा और आगामी 3 महीने के लिए गतिविधि कैलेंडर निर्धारित किया गया. अकादमिक सत्र 2021-22 आईआईसी 4.0 का समापन 31 अगस्त को हो गया है और 1 सितंबर से नए अकादमिक सत्र आईआईसी 5.0 के लिए भारत सरकार द्वारा जारी इन्नोवेशन गतिविधि कैलेंडर के अनुसार छात्रों को विभिन्न संस्थानों एवं उद्योगों में भ्रमण, नवाचार, स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए, विभिन्न प्रतियोगिताएं कराने तथा एक्सपर्ट द्वारा व्याख्यान और कार्यशाला आयोजित करवाने का निर्णय लिया गया. बैठक में बाह्य सदस्य आईआईसीटी से डॉ श्रवण कुमार गुप्ता के साथ-साथ महाविद्यालय के सभी प्राध्यापकों ने प्रतिभाग किया. बैठक की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो डॉ मुरलीधर राम ने की. उन्होंने बाह्य सदस्यों का स्वागत करते हुए बताया कि आइक्यूएसी और नवाचार परिषद की गतिविधियां अकादमिक और छात्रों विकास के लिए अति महत्वपूर्ण है. जिसका लाभ महाविद्यालय को नैक ग्रेडिंग के दौरान मिलता है. डॉ श्रवण कुमार गुप्ता ने अन्य संस्थानों से एमओयू करने, शैक्षणिक भ्रमण करने तथा नजदीकी संस्थानों और उद्योगों में उपलब्ध संसाधनों का उपयोग छात्र हित में करने की सलाह दी. नवाचार परिषद के संयोजक डॉ अनुराग सिंह ने नवाचार परिषद की गतिविधियों के प्रति जागरूकता लाने के लिए छात्रों हेतु अभिमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित करने की सलाह दी. विज्ञान संकाय की डीन डॉ माया यादव ने छात्रों के विचारों को प्रोटोटाइप में विकसित करने के लिए उन्हें अटल इनक्यूबेशन सेंटर, बीएचयू वाराणसी में प्रशिक्षण कराने की सलाह दी.
आइक्यूएसी के अध्यक्ष डॉ. गौतम गुप्ता ने बताया कि महाविद्यालय में गुणवत्ता परक नवाचार और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए नवाचार परिषद के द्वारा समय-समय पर विभिन्न गतिविधियां कराई जा रही है. प्रवेश कार्य संपन्न हो चुका है. नव प्रवेशित छात्रों के लिए अभिमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित हो चुका है. साथ ही छात्रों को दूसरे संस्थानों में उपलब्ध संसाधनों और तकनीकी से अवगत कराया जा रहा है. नवाचार से ही रोजगार का सृजन हो सकता है और बेरोजगारी की समस्या खत्म हो सकती है. इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक श्री गौतम गुप्ता, श्री अनुराग सिंह, डॉ माया यादव, डॉ श्वेता सिंह, डॉ. रुस्तम अली, डॉ. राजकुमार सिंह यादव, श्री बृजेश कुमार, डॉ अनीश कुमार मिश्र, डॉ भावना सिंह, डॉ अंकिता तिवारी, डॉ शिखा तिवारी, डॉ अमित तिवारी सहित पूरा महाविद्यालय परिवार उपस्थित रहा.

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