चौथी लहर में नहीं बदलेगा संक्रमण का स्‍वरूप, हार्ड इम्‍यूनिटी के कारण नहीं दिखेगा संक्रमण का असर

सतीश कुमार मौर्य की रिपोर्ट

स्वास्थ्य सलाहकार समिति की बैठक का हुआ आयोजन, जल्‍द सीएम को सौंपेगें ड्राफ्ट

केस में हो सकती बढ़ोत्तरी, पर मरीज के अति गंभीर होने की स्थिति नहीं

लखनऊ, 20 अप्रैल।

उत्‍तर प्रदेश में चौथी लहर को लेकर योगी सरकार अलर्ट मोड पर काम कर रही है। ऐसे में कोरोना संक्रमण पर लगाम लगाने के उद्देश्‍य से मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की ओर से गठित स्वास्थ्य सलाहकार समिति की बैठक का आयोजन बुधवार को किया गया। जिसमें विशेषज्ञ डॉक्‍टरों के पैनल ने बताया कि चौथी लहर में संक्रमण का स्‍वरूप नहीं बदलेगा। ओमीक्रॉन वेरिएंट कम खतरनाक होगा। इसकी संक्रमण दर तो तेज होगी पर भर्ती और मरीज के अति गंभीर होने की स्थिति नहीं होगी। संजय गांधी पीजीआई के निदेशक डॉ आरके धीमान ने बताया कि यूपी स्वास्थ्य सलाहकार समिति की इस बैठक में चौथी लहर को लेकर कई फैसले लिए गए

उन्‍होंने बताया कि संक्रमण की चौथी लहर से घबराने की कोई बात नहीं है लेकिन कोविड गाइडलाइन का पालन, टेस्‍ट, टीकाकरण से चौथी लहर से बचा जा स‍कता है। संभव है कि केस की संख्या में बढ़ोत्तरी हो लेकिन अस्पताल में भर्ती होने अथवा मरीज के अति गंभीर होने की स्थिति नहीं होगी। उन्‍होंने बताया कि बैठक के बाद मुख्‍य बिन्‍दुओं को लेकर एक ड्राफ्ट तैयार किया गया है। जिसको मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ को सौंपा जाएगा। स्वास्थ्य सलाहकार समिति ने आपस में विमर्श करके चौथी लहर के सम्बंध में विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर ली है।

हार्ड इम्‍यूनिटी के कारण नहीं दिखेगा संक्रमण का असर

डॉ आरके धीमान ने बताया कि टीकाकरण के कारण लोगों में हार्ड इम्‍यूनिटी पाई जा रही है। ऐसे में चौथी लहर में संक्रमण का हल्‍का फुल्‍का असर ही लोगों पर देखने को मिलेगा। उन्‍होंने बताया कि मास्‍क, सैनिटाइजर और कोविड से जुड़ी सभी गाइडलाइन का पालन करने से ही चौथी लहर का प्रकोप कम देखने को मिलेगा।

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