‘कुमुद’ -जयंती पर 75 से अधिक कवि एवं समाजसेवियों को “कुमुद” सम्मान से किया गया अलंकृत

बरेली से गोपाल स्वरूप पाठक की रिपोर्ट

   बरेली :- साहित्यकार ज्ञान स्वरूप कुमुद स्मृति सम्मान समिति के तत्वावधान में स्थानीय   रोटरी भवन में सम्मान समारोह एवं कवि सम्मेलन 'कुमुद' - जयंती पर साहित्य चेतना दिवस के रूप में  मनाया गया । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आई.एम.ए. के पूर्व अध्यक्ष डॉ सत्येंद्र सिंह रहे। विशिष्ट अतिथिगण बरेली बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद कुमार श्रीवास्तव एवं सचिव वी.पी. ध्यानी रहे कार्यक्रम की अध्यक्षता साहित्यकार आचार्य देवेंद्र देव ने की। संचालन कवि रोहित राकेश ने किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ शारदे व ‘कुमुद’ जी के चित्र पर माल्यार्पण कर हुआ। वंदना खटीमा से आए कवि श्री राम रतन रतन यादव ने प्रस्तुत की।

हास्य कवि निर्मल सक्सेना ( कासगंज) वरिष्ठ शायर जीतेश राज नक़्श (पीलीभीत), को साहित्यिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए कुमुद साहित्य सम्मान प्रदान किया गया एवं मुख्य अतिथि आई. एम. ए. के पूर्व अध्यक्ष डॉ सत्येंद्र सिंह , विशिष्ट अतिथिगण बरेली बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद कुमार श्रीवास्तव , बरेली बार एसोसिएशन के सचिव वी. पी. ध्यानी , वरिष्ठ साहित्यकार एवं कार्यक्रम -अध्यक्ष आचार्य श्री देवेंद्र देव एवं कार्यक्रम- संचालक कवि रोहित राकेश को संस्था के संस्थापक एवं कार्यक्रम आयोजक एडवोकेट उपमेंद्र सक्सेना एवं संस्था अध्यक्ष श्री करुणानिधि गुप्ता ने उत्तरीय, प्रशस्ति पत्र एवं प्रतीक चिन्ह देकर कुमुद सम्मान से अलंकृत किया इसके अलावा 75 कवियों एवं समाजसेवियों को भी समारोह में सम्मानित किया गया ।

आमंत्रित कवियों में श्री निर्मल सक्सेना जी एवं श्री जीतेश राज ‘नक़्श’ जी ने अपने काव्य पाठ से सभी का दिल जीत लिया और खूब वाहवाही लूटी। धमाकेदार प्रस्तुति से देर रात तक शमाँ बांधे रखा।


मुख्य अतिथि डॉ. सत्येंद्र सिंह ने कहा कि हिंदी साहित्य के क्षेत्र में ‘कुमुद’ जी द्वारा जो कार्य किए गए वह अत्यंत सराहनीय हैं। उन्होंने साहित्यकारों एवं कवियों का आव्हान कर कहा कि वे परस्पर अहम् को त्याग कर समाज एवं राष्ट्र के उत्थान में सहयोग की भावना से उच्च स्तरीय साहित्य का सृजन करें।

बरेली बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट श्री अरविंद कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि आज समाज में अपनत्व का अभाव है। केवल भौतिकवाद को ही महत्त्व दिया जा रहा है ऐसी परिस्थिति में साहित्यकार का यह दायित्व है कि वह अपने साहित्य के माध्यम से समाज में मानवीय भावना जागृत करे।


बरेली बार एसोसिएशन के सचिव श्री वी. पी. ध्यानी ने कहा कि ‘कुमुद’ जी अच्छे साहित्यकार के साथ ही एक अच्छे इंसान भी थे। वह अपने उत्कृष्ट साहित्य से सदैव स्मरणीय रहेंगे।
कार्यक्रम अध्यक्ष आचार्य देवेंद्र देव ने कहा कि ‘कुमुद’ जी ने स्वच्छ आत्मबल का प्रदर्शन करते हुए जनमानस की आकांक्षाओं को अपने शब्दों में ढाला अत: जागरूक लेखकों के लिए अनुकरणीय हैं।

संस्थाध्यक्ष करुणानिधि गुप्ता ने ‘कुमुद’ जी को संवेदना, क्षमता एवं दृष्टि का एक सुंदर समन्वित व्यक्तित्व बतलाया।
कवि रोहित राकेश ने उत्तर प्रदेश सरकार से ‘कुमुद’ जी के नाम पर एक साहित्यिक सम्मान शुरू किए जाने की मांग की।
इस अवसर पर सर्वश्री रणधीर प्रसाद गौड़ धीर डॉ महेश मधुकर, निर्भय सक्सेना,पवन कालरा, रमन सक्सेना, अभय भटनागर,क्षितिज यादव, सुरेंद्र बीनू सिन्हा, वेद प्रकाश कातिब, संजय वर्मा, सत्यपाल सिंह सजग, रामरतन यादव, अनुज कांत सक्सेना, गणेश पथिक ,अनुराग श्रीवास्तव,अमित बिंदु,राजेंद्र श्रीमाली, डॉ. रंजन विशद, दीपांकर गुप्त, राम प्रकाश सिंह ओज,सुलीला रानी, पूनम ,प्रीती सक्सेना, दीपांशी रमेश गौतम, रजनीश सक्सेना,राकेश सक्सेना, इंद्रदेव त्रिवेदी आदि उपस्थित रहे।

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