इश्क की आग ऐसी लगी कि देवर संग हुई भौजी फरार

सगे संबंधियों ने कहा यह कैसा इश्क ,यह तो आवारापन है.. कृष्णा पंडित की कलम से

वाराणसी @ कलयुग भी अपनी रफ्तार में है इश्क की रोग कुछ ऐसा लगी कि पांच बच्चे की मां भी अपने नौनिहालों का ख्याल ना कर, अपने देवर संग फरार हो गई !कहते हैं कुंवारे पन में इश्क की चटक रंगदार होती है कभी इस पार तो कभी उस पार होती है जिसके लिए कहा गया की कभी चिलमन से वह देखे कभी चिलमन से मैं देखूं लगा दो आग चिलमन में न मैं देखूं ना वह देखें.. प्यार में दीवानगी और आवारगी अक्सर सुनने को मिलती है लेकिन समाज की रीति रिवाज संस्कार और ममतामई कदमों में बेड़ियां डाल कर, कितनी भी लाचारी हो अपने धर्म और बच्चों का पालन के लिए परिवार को संजोने में मदद करती है जब निजी स्वार्थ के लिए महिला या पुरुष हवसी पन का शिकार हो जाता है तो उसको ना दिन दिखता है ना रात ना बच्चे दिखते हैं ना पति और ना ही घर संसार !हुआ कुछ यूं दीदार उनसे की आंखें चार हो गई ना चाहते हुए भी बड़की भौजी फरार हो गई….वाराणसी में पूर्व के दिनों में पांच बच्चों की माँ अपने देवर को दिन में ही लेकर हो फुर्र हो गई ! बड़ागांव क्षेत्र में एक अजीबोगरीब मामला जिसके बाद जिस किसी ने यह खबर सुनी वो आश्चर्यचकित और हक्का-बक्का रह गया !मिली जानकारी के अनुसार हाशमी की पत्नी दिन में घर मे रखी हुई रकम और आभूषण लेकर अपने देवर नशरूदीन के साथ फरार हो गई ! पति हाशमी ने बताया कि उसकी पत्नी के मेरे भाई के साथ नाजायज सम्बन्ध थे, जिसका मुझे पहले भी अंदेशा था और सब होने के बाद उसको भी यह जानकारी हो गई थी !भागने वाली महिला 5 बच्चों की माँ है पीड़ित ने न्याय की गुहार लगाई और दुहाई के साथ मन्नतें कि साहब हमारे बच्चों की खातिर हमारी बेगम को खोज दीजिए आखिर उसने ऐसा क्यों किया और मेरी बुढ़ापे की सहारा ना बन कर मुझे अपाहिज कर गई मेरे बच्चों को अनाथ कर गई यह कैसी इश्क है यह तो बेशर्म जिस्म गरम भूख है …!!

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