अवर्षण के चलते क्षेत्र सुखा की चपेट मे किसानों के माथे पर चिंता की लकीर

मिर्जापुर से ब्यूरो रिपोर्ट आत्मा प्रसाद त्रिपाठी

आधा सावन बीत जाने के बाद भी जितनी वर्षा होनी चाहिए उतनी वर्षा न होने के कारण पूरा क्षेत्र सूखे की चपेट में है किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें देखी जा रही है आषाढ़ महीने में डाली गई धान की नर्सरी अब पीली पड़ती जा रही है। कुछ एक किसान अपनी नर्सरी को ट्यूबवेल के पानी से संभाल तो रखा है किंतु अवर्षण के चलते रोपाई नहीं हो पा रही है आखिर तैयार नर्सरी भी सूखने के कगार पर खड़ी है सूखे का असर सब्जियों पर भी दिखता नजर आ रहा है

अधिक लागत से वही हुई सब्जियां धीरे-धीरे आसमान छू रही है गेहूं और की कीमत भी ऊपर की ओर खिसकते जा रहे हैं बताते हैं कि जब तक किसान अपने सामने की फसल को देखता तैयार नही देखता तब तक अपना रखा अनाज बाजार मे बेचने नही लाता वजह साफ है कि महंगाई पांव पसारने लगी है सरकार की तरफ से भी अभी तक क्षेत्र सूखा घोषित नहीं हुआ है किसान यूनियन ने इसकी मां तो उठाई है किंतु अभी तक सरकार के ऊपर कोई असर नहीं पढ़ा है इंसान तो इंसान पशु के लिए चारे की लाले पड़ जाए तो इससे इनकार नहीं किया जा सकता है किसान यूनियन की बैठक हो रही है डैम से पानी छोड़ जाने की चर्चा हो रही है कुछ हद तक बात बनी भी है रोस्टर वार डैम से पानी छोड़ जाने छोड़ जाने हैं किंतु रही बात डैम यदि अभी खाली हुई तो आगे के लिए मुसीबत खड़ी हो गई खड़ी होगी फिलहाल वर्तमान समय में वर्षा न होने से किसान परेशान नजर आ रहा है सूखे के कारण किसान ही नहीं व्यापारी वर्ग के भी परेशान होने से इनकार नहीं किया जा सकता है क्षेत्र के समाजसेवी प्रमोद केसरी क्षेत्र के वरिष्ठ किसान रमेश चंद्र पांडे चंद्रमौली त्रिपाठी गोपाल दास गुप्ता राजेंद्र प्रसाद पांडे नंदलाल सिंह दीनू सिंह बिंदु चौधरी लोगों ने मांग किया है की जिला अधिकारी मिर्जापुर जनपद को सूखा घोषित करें

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